Archana Singh 30 Dec 2024 कविताएँ अन्य बीते लम्हे 47316 0 Hindi :: हिंदी
नमस्ते दोस्तों 🙏🏻🙏🏻 दिन में करवट ली , रात हुई ! सप्ताह ने अंगराई ली , महीने में बदल गई ! महीने ने छलांग लगाई तो , इस साल ने भी अंतिम विदाई ली ! चलते-चलते ये साल भी पूरा होने को आया , क्या खोया , क्या पाया , यही सोच मन फिर हर्षाया ! पाने की लालसा में खोती चली गई ! अवशेष बची थी ख्वाबों के , उन्हें समेटते चली गई ! बेमुरव्वत सी जिंदगी , तुझे जीती चली गई ! आने वाला साल उम्मीदों , उमंगों से भरा हो ! बस यही सबके लिए अर्चना के दिल से दुआ हो !!धन्यवाद दोस्तों 🙏🏻🙏🏻💐💐