सुधीरकुमारपन्नालाल प्रतिभा 01 Jan 2025 कविताएँ समाजिक नया साल 34901 0 Hindi :: हिंदी
नया साल जब आता है मन खुशियों से भर जाता है रोमरोम हर्षाता है ऐसे हीं जीवन में नए साल की खुशियां आती रहे हर दिन होली रात दिवाली जैसे एक एक दिन कटते रहें यहीं तमन्ना है