Rajendra Kumar Maurya 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम उठो लाल अब जागो- जागो 106844 0 Hindi :: हिंदी
उठो लाल अब जागो-जागो,
भोर भई अब नीदें त्यागो |
नित्य कर्म को निपटाओ,
भोजन करके पढ़ने जाओ |
पढ़ लिख कर तुम बनो विद्वान,
तभी बनेगा देश महान |
पढ़ो देश में देश के लाल,
करो उजागर अपना नाम |
मात-पिता को करो प्रणाम,
कभी न हो जीवन में शाम |