Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

उधड़े धागे

Abhijit Kumar Singh 30 Mar 2023 कविताएँ दुःखद #hindipoems #hindisadpoetry #sadpoetry #poetryinhindi #hindikavita #sadkavita #poems #poetry #hindisadpoetryandpoems #hindi #indianhindipoetry 65253 0 Hindi :: हिंदी

वो उधड़े धागे उन रिश्तों के है
जहाँ गांठो की गुंजाइश कम है 


ज़िन्दगी के दरिये का गोताखोर हु 
यहाँ बचे रहने की फरमाइश कम है
 

हर तरफ सिर्फ बिछड़ने का नज़ारा है 
हर तरफ सिर्फ बिछड़ने का नज़ारा है 


लाठी में पसरे माँ बाप की 
नुमाइश कम है 


लोगों की जमात में भी अकेलापन खाता है 
अब खुद के लिए जीने की ख्वाहिश कम है 
 

वो उधड़े धागे उन रिश्तो के है 
जहाँ गांठो की गुंजाइश कम है 


 अभिजीत कुमार सिंह

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: