Ajeet 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक उड़ान भरके तो देख मुसाफिर 65531 0 Hindi :: हिंदी
उड़ान भरके तो देख
मुसाफिर
ये जहाँन नजर आयेगा /
ठोकरों का क्या हे
कल जरूर इतिहास बदलता
नजर आयेगा,
उड़ान भरके तो देख
मुसाफिर
ये जहाँन नजर आयेगा /
हजारों की महफिल मैं
लोगो के सहनदिल मैं
कुछ नया करके तो देख
मुसाफिर
अपना पन नजर आयेगा ,
उड़ान भरके तो देख
मुसाफिर
ये जहाँन नजर आयेगा /
राह संघर्ष की तू चलके देख
होसलों के साथ तू बढ़कर देख
यही आज 'कल ' लिखकर तू देख
मुसाफिर
पथ तू भी चढ़ जायेगा ,
उड़ान भरके तो देख
मुसाफिर
ये जहाँन नजर आयेगा /