Ashok Kumar Yadav 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक 117190 0 Hindi :: हिंदी
कविता- तुम आगे बढ़ो शिक्षा में तुम आगे बढ़ो, तुम बढ़ो आगे खेल में। प्रतिभा को तुम दिखादो, तुम बढ़ो आगे मेल में।। नृत्य में तुम आगे बढ़ो, तुम बढ़ो आगे गीत में। संगीत की धुन सुनादो, तुम बढ़ो आगे रीत में।। कर्म में तुम आगे बढ़ो, तुम बढ़ो आगे धर्म में। भक्ति से प्रभु जगादो, तुम बढ़ो आगे मर्म में।। नैतिकता में तुम आगे बढ़ो, तुम बढ़ो आगे महायोग में। जन-जन सेवा तुम करदो, तुम बढ़ो आगे सब लोग में।। राजनीति में तुम आगे बढ़ो, तुम बढ़ो आगे व्यापार में। गरीबी को तुम दूर भगादो, तुम बढ़ो आगे संसार में।। कवि- अशोक कुमार यादव मुंगेली,छत्तीसगढ़ (भारत)।