Rambriksh Bahadurpuri 28 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत #Rambriksh Bahadurpuri #Rambriksh Bahadurpuri Kavita #Rambriksh Bahadurpuri #Rambriksh Bahadurpuri Ambedkar Nagar #Rambriksh Bahadurpuri #Ambedkar nagar poetry#Tera mera saath #prem per kavita 35587 0 Hindi :: हिंदी
तेरा मेरा साथ
तेरा मेरा साथ किनारों सा सड़कों के,
चलता रहा सुदूर कभी ना मिल पाए हम,
दाएं बाएं मुड़ मुड़ कर चल कर भी सीधे
कभी नहीं ना एक कहीं भी हो पाएं हम,
रिस्तें मीठे बहुत रहें कोमल पलकों सा
सुख-दुख मे बिन साथ,कभी ना रह पाएं हम,
दिन भर चलते लोग लिए रंगत दुनिया का
दुख-सुख यही अफशोस नहीं कि कह पाए हम।
हो जाते गर पास मिलन तो होते मेरे
कहते मन की बात बैठ कर शाम सवेरे
दूरी से आस्तित्व सड़क का तेरे मेरे
सड़क प्रेम का है अगर तो,हम हैं किनारे।
दूर रहें पर प्यार पवन के बन सांसों सा
उतर उतर खुद के,तन मन में घुल जाएं हम,
चले पकड़ कर साथ साथ हिल मिल कर ऐसे
बना रहे भी राह पथिक चलता जाए सब,
राह बनाए प्यार हमारा सारे जग में
अमर कहानी अमिट प्रेम का लिख जाएं हम,
लिखे लेखनी अमर प्रेम की एक कहानी
जीना सीखो कहे बहादुरपुरी जुबानी
प्रेम है पावन पूज्य इसको जगती जानी
प्रेम जगत का सार इसे है सबने मानी।
रचनाकार -
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
9721244478
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...