Raj Ashok 20 Apr 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत तस्वीर 50742 0 Hindi :: हिंदी
हमें तो ,इन शब्दों की भाषा नहीं पता है । नयन बोल ते है। ओर हम सुनते है। क्या ,इन ईशारा से अब चलेगी । ज़िन्दगी तस्वीर क्या खूब है। सामने खड़ा जैसे महबूब है। महरबानियाँ, ये वक्त की देखों। पाबंदीयों से आजाद है। हम आसमानों मे खामियाँ डूड़ँ लेने की फिदरत है। हमारी रहते है।जमीन पर बाते जहाँ की करते है। हम से पुछों तो सही कोइ एक बार दर्द मुहोबत के जुमले अपने इश्क़ की कहानी ,हम सुनाएगे बरसते नयनों से अपने यार ,की तस्वीर बनाएगे। दर्द नहीं डर उठेगा सीने मे, भूल जाएगे , सब बाते प्यार की