Bholenath sharma 13 Mar 2024 कविताएँ समाजिक तुम आ भी जाओ न 44502 0 Hindi :: हिंदी
तुम आ भी जाओ न
बात बात पर रुठ रही हो कितनी भोली कितनी हो नादान । चल हँस तू देखू तेरी मुस्कान तुम आ भी जाओ न
आओगी यदि तुम मेरे पास दूँगा में खूब उपहार वह कहती , पहले दिखाओ क्या लाये हो फिर लुटाना मुझ पर प्यार ।