Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

श्रीमद् भगवद् गीता – आज के समय में

Anilkumar Rathwa (Sameer) 24 Aug 2025 कविताएँ धार्मिक श्रीमद् भगवद् गीता – आज के समय में 26391 0 Hindi :: हिंदी

जब जीवन भाग-दौड़ से थक जाता है,
मन भ्रम और चिंता में उलझ जाता है,
तब कृष्ण की वाणी फिर याद दिलाती है—
"कर्तव्य करो, बस कर्म निभाते जाओ।"

नौकरी, व्यापार, रिश्तों के रण में,
हर कोई खड़ा है अपने भ्रम में,
पर गीता सिखाती है संतुलन का राज़—
"सफलता- असफलता में मत फँस जाओ।"

आज की गीता है आत्मविश्वास का दीपक,
जो अंधकार में जलती ज्योति समान है,
ये बताती है— मनुष्य शरीर नहीं, आत्मा है,
जो सदा अजर-अमर और महान है।

गीता आज भी हमें समझाती है,
लोभ और क्रोध से बचाती है,
सच्चाई, धर्म और कर्तव्य का मार्ग—
हर युग में यही राह दिखाती है।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: