Ujjwal Kumar 29 Jun 2023 कविताएँ अन्य संघर्ष जीवन में निरंतर है, 35859 0 Hindi :: हिंदी
संघर्ष जीवन में निरंतर है, इसका और न कोई प्रत्युत्तर है, जिसने चखा है स्वाद संघर्ष का, उसके जीवन में औरों से अंतर है. जिसने किया है संघर्ष जीवन में, खिला है फूल उस उपवन में, चाहत उसकी थी उसकी है, अब और कोई नहीं चाहिए इस जीवन में. उज्जवल कुमार ✍️