Sudha Chaudhary 11 Jun 2023 कविताएँ अन्य 31169 0 Hindi :: हिंदी
समय था बलवान वही घूम आया। जो जैसा किया वही भोग पाया। दो शब्द से वाक्य चार बन गये। सम्बन्धों की कटुता यूं ही बढ़ती गई नये संवाद बन गये। संभावना बन जाए किसी परिहास से। जुड़ जाएं बन्धन छुटे हुए अनुराग से। सुधा चौधरी बस्ती