shivkumar barman 25 Mar 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #कविता95 #कविता #बेजुबानशायर143 14644 0 Hindi :: हिंदी
" सच और झूठ " के दिवार में मैं आज फिर से उलझ गयी, वो दोनों गलत नहीं शायद आज मैं ही गलत बन गयी.. कहते है कि सांप ने कांटा तो सवाल नहीं करते, आज हमने उनसे सवाल करके ही गलती कर गये.. भरोसा मेरा बहुत था उनपर लेकिन तोडा तो तुमने था, छोड़ना तो तुमको था लेकिन हाथ थामने की गलती कर बैठे .. वफा तो मेरी थी उनसे लेकिन हमसे बेवफाई तुमने की, अफसोस तो तुम्हें होना चाहिए था मैंने अफसोस कर गलती कर दी .. तुम भी मेरे थे , तुम जिसके थे, वो भी हमारे थे , आप दोनों को मैने अपना समझने की मैंने गलती कर दी .. तीसरा कोई आया भी नहीं और मैंने ही तो लाया था , उसे शायद हमारे बिच में लाके गलती की मैंने ..