Anilkumar Rathwa (Sameer) 23 Sep 2025 कविताएँ अन्य सोच की ताकत 15994 0 Hindi :: हिंदी
तुम्हारी सोच ही तुम्हारी ताकत है, अंधेरों में भी जो रौशनी की राहत है। गिरते हुए कदमों को थाम लेती है, बुझते सपनों में भी चिंगारी जगा देती है। सोच से ही दिशा बनती है सफ़र की, सोच से ही जीत होती है जज़्बे के हुनर की। अगर सोच लो कि मंज़िल तुम्हें मिल जाएगी, तो ठोकर भी राह दिखाने लग जाएगी। नकारात्मक सोच तो पाँव की ज़ंजीर है, सकारात्मक सोच ही असली तासीर है। हार को जीत में बदलने की पहचान है, सोच ही इंसान का सबसे बड़ा सम्मान है। पंछी की उड़ान पर नहीं, सोच पर भरोसा करो, समंदर की गहराई से भी ऊँचा सपना संजोओ। सोच में ताक़त हो तो हालात झुक जाते हैं, पत्थरों से भी चिराग़ जल उठ जाते हैं। याद रखो— सोच छोटी तो रास्ते रुक जाते हैं, सोच बड़ी तो आसमान भी झुक जाते हैं।