Anilkumar Rathwa (Sameer) 16 Aug 2025 कविताएँ अन्य "सबको भगवान बनना है" 13897 0 Hindi :: हिंदी
आज हर किसी को भगवान बनना है, पर किसी को इंसान बनना नहीं है। सबको राम जैसा सम्मान चाहिए, पर मर्यादा की लकीर नहीं चाहिए। सबको कृष्ण की मुरली चाहिए, माखन चुराने का बहाना चाहिए, पर धर्मयुद्ध का मैदान नहीं चाहिए। सबको शिव जैसा महादेव बनना है, पर हलाहल पीने का साहस नहीं चाहिए। सबको सिंहासन चाहिए, पर न्याय का भार नहीं चाहिए। सबको मंदिर चाहिए, पर मन के भीतर सफ़ाई नहीं चाहिए। अजीब दौर है… जहाँ लोग आसमान में जगह माँगते हैं, पर ज़मीन पर इंसान बनकर रहना नहीं चाहते हैं।