संदीप कुमार सिंह 23 Jun 2023 कविताएँ देश-प्रेम मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 35719 0 Hindi :: हिंदी
(दोहा छंद) ऋषि मुनियों की यह धरा,भारत देश महान। सदा शांति उपदेश दे,जाने सकल जहान।। रहे खुशी परिवार में,अनुपम है यह धाम। सभ्य बनाए ये हमें,देते सुन्दर नाम।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....