Raj Ashok 03 Dec 2024 कविताएँ समाजिक मायाजाल 19274 0 Hindi :: हिंदी
वक्त की हर चोट को
दिल में सजाने वालों की
कुछ तो मनसा होती ,होगी
आखिर,जिंदगी साथ बिताने वालों की
फर्क समझ तुझे
हर अल्फाज़ समझ आएगा ।।
मतलब कुछ तो है ।।
सादिगी के माहोल में थोड़ा महकने का
उलझें से यु जुड़े से
लगते हैं। लोग,
रिश्तों के आंगन में।।
बिखरीं सी ये गंघ
अपनेपन में बांध के रखती है।।
रिश्तों के मायाजाल में
वरना कौन ये अनमोल
सी जिंदगी जीना चाहेंगा
यों फटें हाल में ..........