shivkumar barman 30 Mar 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत #बेजुबानशायर #कविता #कविता95 26655 0 Hindi :: हिंदी
मुददते लग गयी हमे खुद को उनके काबिल बनाने में। वक्त बदला ऐसा की वो मोसम भी बदल चुका था । वर्षों रखी हमने अपने दिल में वो प्यार की शमां बुझाके । जब जलाने का वक्त आया तो वो परवाना बदल चुका था । और जिस जूनून से क्या था हमने उनसे ईश्क । किस्मत का खेल देखिये दीवानगी हमने की मगर दिवाना बदल चुका था। खुदा की रहमत का वक्त भी एक अलग अदाज था । उनको किसी की ईबादत का कहा़ ख्याल था । काटों के बीच रहकर हमने जिन फूलों को गले लगाया कभी वो गुलिसताना बदल चुका था ।