Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

राह पर चलना पथिक अविराम।

Anil Mishra Prahari 30 Dec 2024 कविताएँ अन्य #path,walk,darkness 28686 0 Hindi :: हिंदी

राह पर चलना पथिक अविराम।

हो छुपा सूरज क्षितिज पर
बिछ चुका पथ पर अँधेरा,
देख गहरी, रात काली
दूर लगता हो सवेरा।

पर न शाश्वत तिमिर का आयाम
राह पर चलना पथिक अविराम।

विघ्न अगणित साथ मिल
फैलाएँ जो अपनी भुजाएँ,
रोकने को राह प्रतिपल
व्यग्र हों चारों दिशाएँ।

जिन्दगी तो है इसी का नाम
राह पर चलना पथिक अविराम।

हो नहीं विचलित अगर जो
हर लहर तूफान लाए,
देख सूनी राह पर
तलवार दुश्मन तान आए।

है बढा जो जीतता संग्राम
राह पर चलना पथिक अविराम।

कौन जाने बीच पथ पर
साथ कोई छोड़ देगा,
प्रेम का बंधन अनूठा
बेवजह ही तोड़ देगा।

हौसले का हाथ लेना थाम
राह पर चलना पथिक अविराम।

अनिल मिश्र प्रहरी।

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: