Anjani pandey (sahab) 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत ###प्यार की गहराई में डूबती इस्त्रिया## 50175 0 Hindi :: हिंदी
" राग - विरागिनी"
मन है चंचल
मन है विहवल
एक प्रेम रागिनी फिरती है
मन में पीड़ा लिए हुए
राग- विराग में चलती है....
नहिं चाह उसे अब उसकी
नहिं राह अब निहारती है
सांस कब अब रुक जाए
आ जाओ तुम
आस यही अब रहती है
मन में पीड़ा लिए हुए
राग -विराग में चलती है....
जो घनीभूत पीड़ा थी
आंसू बनकर बह गए वह
हाड़ मांस की काया भी
कंकाल बन कर रह गए वह
प्रेम न कम होने पाए
विरह वेदना कहती है
मन में पीड़ा लिए हुए
राग-विराग में चलती है....
अंजनी पांडेय साहब