Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

राम चले बन में माता

Monu kumar 24 May 2023 कविताएँ धार्मिक RAM 37778 0 Hindi :: हिंदी

राम चले बन में माता,
मैं भी चला जाउंगा।
भुख लेगा गा बेटाबा, खाना कहा खाओगे, 
टोर लेंगे बेल के फलबा,
खाते चलेंगे।

कांटा गरेगा बेटबा, चपल कहा पहनो गे,
तोर लेंगे बेल के पतबा
बिच्छा केई चैले जाएंगे।

पायस लेगा बेटबा, पानी कहा पियोगे,
चैले जांगे  गंगा-यमुन
पि के चले आएंगे
राम चैले बन में माता,
मै भी चला जांउगा। 
मावी चला जांउगा...

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: