Samar Singh 16 Apr 2023 कविताएँ धार्मिक कृष्ण जी मथुरा चले गए है, राधा उनकी याद में उदास रहने लगी है। उन्हें लग रहा है कि कहीं कृष्ण जी भूल तो नहीं गये। 28426 0 Hindi :: हिंदी
पुकारे राधा और श्याम न आये।
तेरे बिना ये खुशियाँ तमाम न भाये,
एक पल कहीं आराम न आये।
अपने मीत आज काम न आये,
पुकारे राधा और श्याम न आये।।
शाम हो गयी जमुना तट पे,
पंछी आ लौटे कदंब और वट पे।
वंशी की न आज राग सुनाई,
मिलन की बेला में दुर्भाग्य रुलाई।
मुरली की धुन में राधा के नाम न आये,
पुकारे राधा और श्याम न आये।।
जमुना का जल क्यों ठिठुरा,
जब से गए कान्हा मथुरा,
गायें नीर बहाती है,
मधुबन से ना वो खुशबू आती है।
कान्हा को क्यों याद ब्रज के ग्राम न आये।
पुकारे राधा और श्याम न आये।।
रचनाकार- समर सिंह " समीर G "