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प्रार्थना - प्रभु वर दो!

Rambriksh Bahadurpuri 03 Dec 2024 कविताएँ अन्य #Rambriksh Bahadurpuri kavi #Ambedkar Nagar poetry #Prarthna #Prarthana Prabhu ver do! 34249 1 5 Hindi :: हिंदी

प्रभु वर दे!

नित  पथ पर आगे  बढ़ने की 
आयाम  नया  कुछ गढ़नें की, 
हो  दूर भले  मंजिल  जितना 
हठ मंजिल हासिल करने की,
            
    यश कीर्ति सुतेज प्रखर दो,
                      प्रभु वर दो!


गिरि  शिखर  चूम दम भरने की 
निज निहित अहम से लड़ने की,
प्रत्यक्ष   सोंच   से    परे   कहीं 
मन - मंथन  चिंतन   करने  की

       मुझ अक्षय निर्भय कर दो,
                        प्रभु वर दो!


नित  नवल  प्रभा  बिखराने की 
संघर्षों   से    लड़    जाने   की 
बिखरे  तिनकों  को  जोड़-जोड़
नव   नूतन   नीड़   बनाने   की 

       दृढ़ कार्य कुशलता भर दो, 
                        प्रभु वर दो!


हित  राष्ट्र  हेतु  मिट  जाने  की 
कुछ   अमर  राग  बरसाने  की 
हो  सिद्ध  जन्म  पर  हेतु  यहाॅं
है   चाह   यही   वर   पाने  की 

       कर दया दृष्टि कर भर दो,
                       प्रभु वर दो!

      


         रचनाकार 
     रामवृक्ष बहादुरपुरी 
  अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश

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Rambriksh Bahadurpuri
Rambriksh Bahadurpuri सभी साहित्य प्रेमियों को सादर प्रेषित

1 year ago

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