Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

प्रभात का जादू-चारों और छा गया है

संदीप कुमार सिंह 16 Jun 2023 कविताएँ समाजिक प्रभात, जादू, समय, नींद, जगने, प्राणी, सारे, उत्सुकता, आसमान, किरण, इंतजार, पूरब,दिशा, ताजगी, शक्ति, तैयार, रजनी, आराम, लालिमा, गजब, स्वर्णिम, दिव्य, प्रकाश, वेला, शुभ, मधुर 34399 0 Hindi :: हिंदी

नींद से जगने का समय हो गया है,
प्रभात का जादू चारों और छा गया है।

सारे प्राणी में उत्सुकता की आई है लहर,
प्रभात का वायु सकूं प्रदान कर रहें हैं।

आसमान से सूर्य किरणों का इन्तजार है,
अभी पूरब दिशा की लालिमा गजब है।

रजनी आराम देकर खुद कहीं गई है,
प्रभात के सहारे हम सभी को छोड़ गई है।

प्रभात हमें फिर रजनी तक के लिए,
ताजगी और शक्ति से सबको तैयार करते।

प्रभात आते ही हलचल शुरू हो जाते हैं,
संगीत की मधुर ध्वनि से जीवन शुरू होते हैं।

दिवस भर सभी जीवन राह पर चलते हैं,
सार्थकता का कदम से कदम बढाते हैं।

प्रभात  वेला  पावनता से भरा होता है,
जो पूरे दिवस का आकलन करता है।

प्रभात ही जीवन का भी सुप्रभात है,
प्रभात दिवस में स्वर्णिम दिव्य मधुर है।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍🏼
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)
बिहार

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: