SANTOSH KUMAR BARGORIA 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत अपनी पत्नी को पाकर उसके प्रेम , त्याग और समर्पण को बयां करती हुई मेरी यह कविता एक पति का अपने पत्नी के प्रति निश्छल प्रेम भाव को अपने कविता के माध्यम से दर्शाते हैं । 66650 0 Hindi :: हिंदी
पत्नी का प्रेम
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धन्य हुआ ये मेरा जीवन,
पाकर तुमको मेरी प्रिये ।
तुम्ही मेरे जीने की अभिलाषा,
तुम्ही मेरा अभिमान प्रिये ।।
धन्य हुआ ये मेरा जीवन,
पाकर तुमको मेरी प्रिये ।
बागडोर तुम्ही मेरे गृहस्थ जीवन की,
तुमसे ही ये मेरा घर संसार प्रिये ।
वंशवृद्धि तुमसे ही मेरे कुल की ,
तुमसे ही चश्म-ओ-चिराग़ प्रिये ।।
तुम्ही मेरी गृहलक्ष्मी,
तुममे मॉ सरस्वती का वाश प्रिये ।
तुम्ही मेरी देवी अन्नपुर्णा,
तुमसे ही भरा मेरा अन्न भंडार प्रिये ।।
रोशन तुमसे ही ये घर मेरा,
तुम्ही इस घर की साख प्रिये ।
तुमसे ही जुड़ा मेरा भूत, भविष्य,
तुम्ही मेरा वर्तमान प्रिये ।।
धन्य हुआ ये मेरा जीवन,
पाकर तुमको मेरी प्रिये ।
तुम्ही मेरे जीने की अभिलाषा,
तुम्ही मेरा वर्तमान प्रिये ।।
धन्य हुआ ये मेरा जीवन,
पाकर तुमको मेरी प्रिये ।।
🙏धन्यवाद 🙏
संतोष कुमार बरगोरिया
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(साधारण जनमानस)
I am Santosh kumar Bargoria s/o Sri Sewalal Bargoria at 26, Noor Mahammad Munshi lane Howrah -71110...