कुमार किशन कीर्ति 13 Apr 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्रेमगीत, नशीली आंखें 20606 0 Hindi :: हिंदी
आओ प्रेमगीत गाएं, इन वादियों में खो जाएं। ना मैं कुछ कहूं ना तुम बोलो,बस आओ प्रेमगीत गाएं। जी चाहता है तुम्हारी नशीली आंखों में डूब जाऊं। जी चाहता है तुम्हारी लबों को चूम जाऊं। मगर,सारी दुनियां से बेखबर तन्हाई की आलम में हम आओ प्रेमगीत गाएं। : कुमार किशन कीर्ति।