संदीप कुमार सिंह 29 Apr 2023 कविताएँ समाजिक मेरी यह कविता समाजिक हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 31315 0 Hindi :: हिंदी
पैसा जरुरी आज है, बिना नहीं हो काम। करें मेहनत खूब जब, होता है तब नाम।। पैसा जब हो पास में, पूछे सब जन यार। साथ देय तब आपका, खुशियां हो संचार।। पैसा से हो सब खुशी,चाहत सब हों पूर्ण। सबसे पहले काम हों, सभी जगह हो तूर्न।। पैसा भी अब देव हैं,दुनिया करे सलाम। संचय इसका जो करें,पाते सही मुकाम।। पैसा से इज्जत मिलें,सबके दिल में खास। लोगों में तब धाक हों, करें नहीं उपहास।। पैसा से दुनिया चलें,अति जरुरी है आज। रखिए इसको अब बचा,खुशियों का यह राज।। पैसा पैसा सब करें,इससे ही परिवार। पूर्ण शान्ति जी तब मिलें,जीवन हों उजियार।। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍🏼 जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....