Baba ji dikoli 21 May 2023 कविताएँ समाजिक Dylog /khani/shayri/aalekh/kaveeta/gajal 31180 0 Hindi :: हिंदी
उनकी याद जो आये तो नयन नीर वर्साय कोई जलधर से जा के कहदो, मेरे नयन नीर उनके घर भी बर्षा आएं। ओ री पवन ठहर जरा, मेरा ये संदेशा लेती जा। संध्या की पावन बेला होगी, तेरी लहरों में भी शीतलता होगी। पहले जाकर उनके केशो को सहलाना फिर मेरे उर की बात बताना @baba ji dikoli