Pranjal tiwari 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक नववर्ष की बधाई रचनाकार प्रांजल तिवारी sahity.com 43606 0 Hindi :: हिंदी
नववर्ष की मंगल बेला है सुख दुःख का नया झमेला है। गतवर्ष में जो भी झेला है वो जीवन का ही खेला है।। प्रभु पर हम सब विश्वास करें कुछ अच्छे की हम आस करें। सुख का सदैव आभास करें आओ मिलकर कुछ खास करें।। नववर्ष की इस शुरुआत में बीते गुजरें दिन रात के। छोड़े उन झंझावात को और देखें सुखद प्रभात को।। गतवर्ष की बात को भूलकर सुख के आभास में झूलकर। सुख की ललकार जगाएं हम नव सुंदर पुष्प निहार कर ।। जिंदगी की है कठिन साधना सुख दुःख से होगा सामना। सब मिलकर बस यही ठानना अन्तर्मन में विजय भावना।। जीवन में कई लड़ाई है पग पग पर ही कठिनाई है। नववर्ष की बेला आई है सबको इसकी ही बधाई है।।