Kishor Kumar Bhardwaj 13 Oct 2025 कविताएँ अन्य निर्णय और समय 10993 0 Hindi :: हिंदी
"✍️निर्णय और समय - के.भारद्वाज" कल जो निर्णय था - वह तब सही था, भले ही आज उसके मायने बदल गए हों। आज जो ठाना है मन ने, वह अब सही है, भविष्य में शायद उसकी राहें मुड़ जाएँ कहीं। समय की धारा में सत्य भी रूप बदलता है, जो अटल लगे आज, कल धुंध में ढलता है। ज़िंदगी अप्रत्याशित है, तो निर्णयों से स्थिरता क्यों माँगें? हर पल एक नया संदर्भ, हर क्षण एक नई व्याख्या। हम बस तय करते हैं, अपने उस समय के सच को - बाक़ी, समय स्वयं तय करता है कौन सही… और कौन नहीं। कल जो सही था, वो उस वक्त की सच्चाई थी। आज उसके मायने बदल गए - पर गलती नहीं थी, बस वक़्त बदल गया। आज जो तय किया, वो अब सही है। भविष्य फिर अपना रंग बदलेगा, और ये भी शायद “कभी गलत” लगेगा।