Sweta Kumari 14 Dec 2024 कविताएँ प्यार-महोब्बत नहीं मिला 31989 0 Hindi :: हिंदी
मेरा नसीब चमके वो तारा नहीं मिला तन्हा कटी है उम्र सहारा नहीं मिला हम नाज जिसपे कर सके जिसकी मिसाल दे हमदर्द कोई ऐसा खुदा रa नहीं मिला जिसको तलाश करते रहे उम्र भर तमाम हमदर्द humnazar भी हमारा नहीं मिला तूफ़ान मे फंसी रही कश्ती कुछ इस तरह मुद्दत हुई है फिर भी किनारा नहीं मिला दिल को करार और नजर को सुकून दे ऐसा नजर को कोई nazara नहीं मिला हालात मेरे आपके कितने juda है पर क्यूँ हो उदास क्या तुम्हें चारा नहीं मिला तुमने तो may का जाम उठाया था इसलिए फिर क्यों ग़मों से तुमको किनारा नहीं मिला