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नारी तू कल्याण कर- नारी तू उद्धार कर

Ujjwal Kumar 04 Jul 2023 कविताएँ समाजिक #Nari tu kalyan kar naari tu uddhar kar#The best poem of women. writer ujjwal kumar 27987 0 Hindi :: हिंदी

नारी तू कल्याण कर,
 नारी तू उद्धार कर,

नवयुग में अश्लीलता को,
 स्वतंत्रता तू समझती है,,
 पाश्चात्य के मलीन  भँवर में,
काहे को उलझती है,,
नर तुझसे है, तू नर से हैं,
इस बात को स्वीकार कर,,
नारी तू कल्याण कर,
 नारी तू उद्धार कर,,


तू सज संवर के घूम जरा, 
तू छोलह श्रृंगार कर ,,
अपनी अतुल्यनीय संस्कृति का,
 तू फिरसे जीर्णोद्धार कर,,
तू पूज कृष्ण और राम को,
शिव- शक्ति का संचार कर,,
नारी तू कल्याण कर,
 नारी तू उद्धार कर,,


नारी तू ही तो सीता है, 
समाज से रण को जीता है,,
नारी तू ही तो राधा है,
 संसार तेरे बिन आधा है,,
परा शक्ति सिया बन तू पुनः,
सहस्त्ररावण का संहार कर,,
नारी तू कल्याण कर
नारी  तू उद्धार कर,,

नारी तू ही काली बनी,
 रक्तबीज को मार कर ,,
नारी तू ही दुर्गा बनी,
दुष्टों को संहार कर,,
नारी ही अम्बा बनी,
 भक्तों को तार कर,,
नारी तू कल्याण कर ,
नारी तू उद्धार कर,,

नारी तू ही वीणावादिनी,
ज्ञान का संचार कर,,
 नारी तू ही तो लक्ष्मी है,
दरिद्रता का संहार कर,,
नारी तू ही तो गौरी है,
जीवों का उद्धार कर,,
 नारी तू कल्याण कर ,
नारी तू उद्धार कर,,

नारी तू अबला नहीं,
शस्त्रों से प्रहार कर,,
नारी तू सबला बन,
खड़ग को धार-धार कर,,
नारी तू भयभीत न हो,
भय भी जाता तुझसे डर,,
नारी तू कल्याण कर,
नारी  तू उद्धार कर,,

नारी तू ही ज्ञान की गंगा,
तू बुद्ध का ध्यान प्रखर,
 नारी तू मैत्रेयी-गार्गी, 
वेद-वेदांग सब तुझसे निखर,,
नारी तू प्रकृति भी,
उपवन,सरित, सिन्धु, सर,,
 नारी तू कल्याण कर,
नारी  तू उद्धार कर,,

नारी तू ही आदि शक्ति,
 तुझसे सृजित संसार सकल,,
नारी तू ही शिवा बनकर,
 संहार लाती भीषण अटल,,
नारी तू ही पालन करती,
 मातृ रूप में पाल कर,,
नारी तू कल्याण कर,
नारी  तू उद्धार कर,,

नारी तू ही भगिनी बनकर,
जीवन में खुशहाली लाती हैं,,
नारी तू ही भार्या बनकर,
घर को घर बनाती है,, 
नारी तू ही पावन करती,
पुत्री रूप मे लक्ष्मी बनकर ,,
नारी तू कल्याण कर,
नारी  तू उद्धार कर,,

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