Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

नारी-नारी सृजन का आधार है

Ujjwal Kumar 14 Jun 2023 कविताएँ समाजिक 31283 1 5 Hindi :: हिंदी

नारी सृजन का आधार है,
नारी से ही जीवन साकार है,
नारी समर्पण की अद्भुत मूर्त है,
हर रूप में कर्तव्य स्वरूप है,
मां, बेटी, बहू,भाभी, बहन हर रिश्ता उसने निभाया है,
जिस सम्मान की हकदार वो आखिर क्यों उसे नहीं मिल पाया है?
जीवनदायिनी है नारी तो आखिर क्यों धर्म आडंबरों ने नारी का जीवन नरक बनाया है?
सबला है नारी तो आखिर क्यों परिस्थितियों में उसे अबला दर्शाया है?
प्रेम निष्ठा समर्पण विनम्रता के भाव का मिश्रण है नारी,
आखिर क्यों उसने अपने जज्बातों को छिपाया है?
हर रिश्ता निभा कर आखिर क्यों नारी ने खुद को अकेला पाया है?
जब देवों ने भी नारी का मान स्वीकारा है,
आखिर फिर क्यों समाज ने ठुकराया है?

✍उज्ज्वल कुमार

Comments & Reviews

Ujjwal Kumar
Ujjwal Kumar 🙏🙏

2 years ago

LikeReply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: