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मानवता

Manasvi sadarangani 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक गणेश चतुर्थी 67508 0 Hindi :: हिंदी

गणपति आया  खुशियां लाया 
रिद्वी सिद्वी ले कर हमारे घर आया
हर बार की तरह इस बार
बाहर गणपति का आसन ना होगा,
पर सबके घरों का राजा यही होगा,
यहां वहां जा कर गणपति का विसर्जन ना करना,
इस बार प्यार से मिट्टी का गणेश बनाकर,
अपने घर पर ही विसर्जित करना ।
फिर इस जल को अपने पोधो में भरना, 
इस तरह गणपति के आशीर्वादों को अपने,
पौधे के रूप में सुरक्षित रखना।


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