Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

मंजिल और उम्मीद

PURUSHARTH DEWANGAN 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य दूर कितना भी हो किनारा लेकिन उम्मीद अब भी मेरे पास है 47211 1 5 Hindi :: हिंदी

काश! समंदर के बीच कहीं खो जाता,
ना किनारे की उम्मीद ना मंजिल की,
बस लहरें जहां ले जाए वही चलता जाता,
आश जैसे खत्म हो गई, वैसी ये घड़ी आई है ,
ना अंत, ना शुरुआत है, कैसी काली घटा छाई है,
चाहता हूं, तूफान आए,
और मुझे जल्दी किनारे ले जाए,
.
.
अब बेसबर सा हो गया हूं मैं,
सोचता हूं, कहां और क्यों खो गया हूं मैं,
दूर – दूर तक कुछ मिलता नहीं,
उम्मीद अब दिखता ही नही,
इस समंदर में ना जाने कौन सी राज है,
उम्मीद खो कर बैठा हूं, लेकिन अब भी आश है,
.
.

ना जाने कब से प्यासा बैठा हूं,
अब तो बारिश का ही आसरा है,
चाहते हुए नहीं पी पाता मैं पानी ,
 ना जाने कैसा ये फासला है,
.
.
थम सा गया हूं मैं, इन सागरो के बीच में, 
अब ख्वाहिश नही अच्छे की, बस अंत का इंतजार है,
बस यही सोच कर रुक जाता हूं मैं,
 थोड़े समय की बात है,
दूर कितना भी हो किनारा,
पर उम्मीद अब भी मेरे पास है।

Comments & Reviews

Manisha Singh
Manisha Singh nice

3 years ago

LikeReply

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: