संदीप कुमार सिंह 25 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी रोमांचित होंगें। 28077 0 Hindi :: हिंदी
(मुक्तक छंद) मक्कारों की दोस्ती से डरता हूं। इस दुनिया से विशेष प्यार करता हूं। शरीफों से सजा अपना ये जहां हो_ ऐसे हौसला से आगे बढ़ता हूं। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह✍️ जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....