Rambriksh Bahadurpuri 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत #Rambriksh Bahadurpuri #Rambriksh Bahadurpuri kavita #Rambriksh Bahadurpuri Ambedkar Nagar #Rambriksh Bahadurpuri gajal#ambedkarnagar poetry 107823 0 Hindi :: हिंदी
गजल -मैं खत को पढ़कर मैं यह खत, तेरे नाम लिख रहा हूं चुन चुनकर शब्दों में, पैगाम लिख रहा हूं लिख कर क्या करूंगा, मैं अपने पता को इसीलिए तो खत, बेनाम लिख रहा हूं अरमानों से भरा खत है अनजान सा बना खामोशियों में मैं तुझे, सलाम लिख रहा हूं मैं तेरे खत को पढ़कर, हैरान हो गया था तभी तो बैठ कर खत,इस शाम लिख रहा हूं बातें बड़ी थी दिल में जिसको ना कह सका दिल में दबी जो बातें, वो तमाम लिख रहा हूं जज्बात को पिरो कर अल्फाज़ मोतियों में बेखौफ तुझसे होकर,सरेआम लिख रहा हूं खत लिखना गर,खता बन गयी हो तो समझना कि मैं इल्ज़ाम लिख रहा हूं आज भी मैं चाहता हूं हम हमसफ़र बने तो समझो कि तेरा अपना इनाम लिख रहा हूं चाहतों का खत लिखना करुं अब बंद अपने पता के दर पे,विराम लिख रहा हूं। रचनाकार -रामबृक्ष बहादुरपुरी अम्बेडकरनगर यू पी
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...