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महाराणा प्रताप

Abhay singh 30 Mar 2023 कविताएँ देश-प्रेम Shivam Singh story 32887 0 Hindi :: हिंदी

घास की रोटी खा कर भी जो,

अपनी आन संजोता था।



हर नारी के मान की खातिर जो,

महाराणा लड़ता था।



पशु प्रेम इतना कि

चेतक हवा से बातें करता था।



राणा ऐसा कहाँ से लाऊँ,

जो बिन शस्त्र शेर से ,

गौ-रक्षा को लड़ता था।।

#जय_हो_महाराणा।।



अगर #जोधा(हरका बाई) का भाई #मान_सिंह गद्दारी न करता तो महाराणा को रोकना किसी के वश में नहीं था  

जय श्री राम 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

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