Anilkumar Rathwa (Sameer) 15 Aug 2025 कविताएँ अन्य "मोबाइल की लत" 12293 0 Hindi :: हिंदी
जेब में बसा मालिक जेब में रखते हैं, पर ये हमें चलाता है। हम उँगलियाँ चलाते हैं, और ये हमारा दिमाग़ खाता है। चाय गिरी, बच्चा रोया, पर रील देखना ज़रूरी है। माँ पुकारे, बाप डाँटे, पर "टाइपिंग..." जारी है। ये मोबाइल नहीं, हमारी अक्ल का पोस्टमॉर्टम है — बस फर्क इतना, पोस्टमॉर्टम में लाश होती है, और यहाँ ज़िंदा इंसान।