Rakshi 15 Feb 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत 30798 1 5 Hindi :: हिंदी
#मयखाने जब से हुई है मेरी आमद शहर में तेरे मुझसे रूठे रूठे सारे मयखाने हैं जब से हुई है आमद मेरी शहर में तेरे मुझसे रूठे रूठे पैमाने है जब से हुई है आमद मेरी शहर में तेरे हम खुद से ही बेगाने है मिलकर सर्द हवाओं से तेरे शहर के खोए खोए से तराने है चुप हूं बदनामी के डर से तेरे वरना हम भी तेरे दीवाने हैं रुखसार परवीन
1 year ago