Ranjana sharma 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक Google 186446 0 Hindi :: हिंदी
मां अपने आंचल में समेट
अपने ममता के छांव में रख
बड़ा शुकून मिलता मुझे
तू अपने दरबार में रख
अपने - आप से मुझे न दूर कर
अपने चरणों के धाम में रख
नित - दिन तेरी मुख मैं देखूं
ऐसी सुबह तू हर रोज रख।
धन्यवाद