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मैं मर्द हूं

Amarnath Yatra 03 Dec 2025 कविताएँ समाजिक मैं मर्द हूं, हवस, प्यार मोहब्बत, जिंदगी, संघर्ष, समाजिक 9986 0 Hindi :: हिंदी

मैं मर्द हूँ, पर मर्द होना
तेरे जिस्म को छूना नहीं है,
मर्द होना मतलब है
तेरी इज़्ज़त की रखवाली करना,
तेरे डर के सामने ढाल बन कर खड़ा होना।जब तू थक कर
मेरे कंधे पर सिर रख कर सोती है,
तो मुझे बस इतना सुख मिलता है
कि तू अपने आप को
मेरे साथ सुरक्षित महसूस करती है।दुनिया में बहुत लोग हैं
जिन्हें सिर्फ़ जिस्म की भूख है,
वे हवस को ही प्यार समझ बैठते हैं,
पर मेरे लिए प्यार का मतलब है
तेरी मुस्कान, तेरी इज़्ज़त,
तेरे आंखों में खुशियां देखना है।
अगर तुझे सिर्फ़ हवस चाहिए
तो किसी और दर पर ठहर,
पर अगर तुझे सच्चा प्यार चाहिए
जहाँ हाथ पकड़ना भी इबादत हो,
तो मेरा दिल तेरे लिए
हमेशा खुला रहेगा।

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