Bholenath sharma 11 Jan 2024 कविताएँ समाजिक लोगों के काम आता रहूँ । 36430 0 Hindi :: हिंदी
मैं शांत हूँ तो अच्छा है , और अन्याय सहूँ तो और अच्छा हूँ । कोई उटपुटाँग बोले तो मौन रहूँ , और लोगो के स्वार्थ के काम आता रहूँ । और लोग हमारा फायदा उठाते रहे , कुछ बोले न हम सीधा बन कर सब गँवाते रहे। कितना अच्छा लगता है। लोगो को हर व्यक्ति मिले तुमसा , तुम भी व्यक्ति हो ये ज्ञात नहीं इतने छलिया , कपटी , झूठे और कोई नहीं तुझसा । लोगों की प्रशंसा सुन के मुस्कुराता हूँ ऐसे ही लोगो के काम आता रहूँ ।