Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

कुदरत ने सनम तुझको- बेहतरीन बनाया है

संदीप कुमार सिंह 06 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 39900 0 Hindi :: हिंदी

कुदरत ने सनम तुझको बेहतरीन बनाया है,
इस जहां की तुम एक हसीन नगीना हो।
हरेक कला तुझमें समाहित किए हैं,
उत्कृष्ट श्रृंगार से सुशोभित किए हैं।

तुम पारदर्शी लगती हो,
तुझमें हजारों वाट का रोशनी है।
अकेले में तुम एक उद्यान हो,
मेरे लिए तुम संपूर्ण ज्ञान हो।

तुम पानी की कलकल हो,
तुम रेगिस्तान की हलचल हो।
जमीं से फलक तक तुम ही हो,
तुम्हारी धड़कन ही गुलाबी है।

बिन मौसम तुम बरसात हो,
सावन की तुम रिमझिम हो।
हाथों की मेहंदी भी तुम हो,
सांसों की तुम ताजगी भी हो।

रूप की रानी तेरा जवाब नहीं,
तुझ में खाली शानी ही शानी है।
वाह क्या गजब अदा है,
जिसपे सारे के सारे फिदा है।

मलिक्काए चाँदनी तुम हो,
तुम आनन्द ही आनन्द हो।
एक सुखद शांति भी तुम हो,
खुशियों की तुम सौगात हो।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)
बिहार

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: