Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

कुआँ का दृश्य मनोरम लगता

संदीप कुमार सिंह 08 Jun 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता समाज हित में है। जिसे पढ़कर पाठक गण काफी लाभान्वित होंगें। 23716 0 Hindi :: हिंदी

कल की शाम बड़ी रंगीन थी,
नजरों में प्यार की किरण थी।

नज़र बार_बार जिधर जाती,
कुआँ का दृश्य मनोरम लगता।

चारों और हरियाली छाई थी,
बीच में कुआँ हंस रहा था।

कुआँ की पानी खूब शीतल थी,
गोला कार सिर बहुत सजा था।

और चबूतरा काफी सख्त था,
उस पे बैठी नाजनीन थी।

नाजनीन कपड़ा धो रही थी,
चेहरे पर गुलाबी नूर था।

सारी अदाएं कमाल की थी,
ऊपर से शाम भी गुलाबी थी।

एक आशिक बैठा देख रहा था,
आशकी की हवा चल रही थी।

उसकी नज़र ने मेरी नज़र से,
एक रंगीन बात कर ली थी।

दोनों के दिल में फूल खिले थे,
दोनों मिलने को अब बेचैन थे।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप कुमार सिंह✍️
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)
बिहार

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: