Rambriksh Bahadurpuri 10 Jul 2024 कविताएँ समाजिक 45881 0 Hindi :: हिंदी
अरे! कौन आया है
हरियाली की चादर ओढ़े
टीसू रंग में रंगे अधर
महक वादियों के खुशबू से
जो तन मन में आ रही उतर,
पीले सरसो के कुमकुम से
सजी अप्सरा जैसी आज
गेहूं रंग बदन मद जोशी
आकर्षक है जिसकी साज,
फली-मटर सी बाली जिसकी
गुच्छ गुच्छ में अरहर फलियां
झूम रहा मन पवन वेग से
लता बदन में मानों कलिया,
अंदर बाहर तन मन में
कोई भला समाया है
पशु पक्षी संग मानव के
मन को सबके भाया है!
अरे! कौन आया है।
रचनाकार
रामबृक्ष बहादुरपुरी
अम्बेडकरनगर उत्तर प्रदेश
I am Rambriksh Bahadurpuri,from Ambedkar Nagar UP I am a teacher I like to write poem and I wrote ma...