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कविता - होठों पे मेरे हंसी है

Adesh Kumar 23 Jan 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google , हिन्दी शायरी , समाजिक , हिन्दी साहित्य #HindiPoetry #HindiKavita #HindiShayari #HindiKavya #HindiSahitya #HindiVerse #HindiLiterature #HindiPoems #HindiRhymes #IndianPoetry #IndianLiterature #IndianPoems #HeartfeltPoetry #EmotionalPoetry #LovePoetry #InspirationalPoetry #NaturePoetry #LifeReflections #PoeticExpressions #HindiPoet #HindiPoetryCommunity #HindiPoetryLovers #HindiKaviSammelan #HindiPoetryContest #HindiPoetryCorner #HindiPoetryChallenge #HindiPoetryWriting #HindiPoetryClub #HindiPoetryFestival #HindiPoetryAppreciation #HindiPoetryVerse #HindiPoetryLove #HindiPoetryEmotions #HindiPoetryThoughts #HindiPoetryFeelings #HindiPoetryInspiration #HindiPoetryMood #HindiPoetryArt 47361 0 Hindi :: हिंदी

है बेबसी में लिपटी, मेरी ये जिंदगी है ।
आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।।
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अंधेरों में ढूंढता हूं, उजाले की एक किरण को !
इस दर्द के सफर में, खुशियों के क्षण को!!
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कभी थी जो गुदगुदाती,उस प्रेम की पवन को !
कभी साथ में थे झूमे, उस प्यार के चमन को!!
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खुशियों से चूमते थे, जिस फैले हुए गगन को!
फिर नैन ढूंढते हैं, उस यार के बदन को!!
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मेरे सांसों की ये सरगम, ज़ख्मों से लतपथी है ।
आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।।
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मैं वस्त्र वो बना अब, पसीने से तंग जो है ! 
उस ढंग से खड़ा हूं, गिरने का ढंग जो है  !!
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वो हाल है हमारा, जैसे अपंग अंग जो है !
पतझड़ के तरुवरों में, अटकी पतंग जो है !!
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तन्हाइयों के सफर में, तन्हा सी जिंदगी है ।
आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।।
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पतझड़ में सूखी डाली, टूटी लटक रही है !
वीरान जिंदगी ये, सब खोकर भटक रही है !!
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होठों पे सिमट गई है, कहानी जो अनकही है  !
उस दर्द को वो आहट, अश्कों से लिख रही है !!
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सीने में दर्द दरिया, चहरे पे ताजगी है ।
आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।।
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है बेबसी में लिपटी, मेरी ये जिंदगी है ।
आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।।
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