Adesh Kumar 23 Jan 2025 कविताएँ प्यार-महोब्बत Google , हिन्दी शायरी , समाजिक , हिन्दी साहित्य #HindiPoetry #HindiKavita #HindiShayari #HindiKavya #HindiSahitya #HindiVerse #HindiLiterature #HindiPoems #HindiRhymes #IndianPoetry #IndianLiterature #IndianPoems #HeartfeltPoetry #EmotionalPoetry #LovePoetry #InspirationalPoetry #NaturePoetry #LifeReflections #PoeticExpressions #HindiPoet #HindiPoetryCommunity #HindiPoetryLovers #HindiKaviSammelan #HindiPoetryContest #HindiPoetryCorner #HindiPoetryChallenge #HindiPoetryWriting #HindiPoetryClub #HindiPoetryFestival #HindiPoetryAppreciation #HindiPoetryVerse #HindiPoetryLove #HindiPoetryEmotions #HindiPoetryThoughts #HindiPoetryFeelings #HindiPoetryInspiration #HindiPoetryMood #HindiPoetryArt 47410 0 Hindi :: हिंदी
है बेबसी में लिपटी, मेरी ये जिंदगी है । आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।। ----------------------------------------------- ------------------------------------------------ अंधेरों में ढूंढता हूं, उजाले की एक किरण को ! इस दर्द के सफर में, खुशियों के क्षण को!! ------------------------------------------------ कभी थी जो गुदगुदाती,उस प्रेम की पवन को ! कभी साथ में थे झूमे, उस प्यार के चमन को!! ------------------------------------------------ खुशियों से चूमते थे, जिस फैले हुए गगन को! फिर नैन ढूंढते हैं, उस यार के बदन को!! ------------------------------------------------ मेरे सांसों की ये सरगम, ज़ख्मों से लतपथी है । आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।। ------------------------------------------------ ------------------------------------------------ मैं वस्त्र वो बना अब, पसीने से तंग जो है ! उस ढंग से खड़ा हूं, गिरने का ढंग जो है !! ------------------------------------------------ वो हाल है हमारा, जैसे अपंग अंग जो है ! पतझड़ के तरुवरों में, अटकी पतंग जो है !! ------------------------------------------------ तन्हाइयों के सफर में, तन्हा सी जिंदगी है । आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।। ------------------------------------------------ ------------------------------------------------ पतझड़ में सूखी डाली, टूटी लटक रही है ! वीरान जिंदगी ये, सब खोकर भटक रही है !! ------------------------------------------------ होठों पे सिमट गई है, कहानी जो अनकही है ! उस दर्द को वो आहट, अश्कों से लिख रही है !! ------------------------------------------------- सीने में दर्द दरिया, चहरे पे ताजगी है । आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।। ------------------------------------------- --------------------------------------------- है बेबसी में लिपटी, मेरी ये जिंदगी है । आंखों में अश्रुजल फिर भी, होठों पे मेरे हंसी है।। ---------------------------------------------- -----------------------------------------------