Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें

इसे अपने आप समझिए

Rambriksh Bahadurpuri 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक #अम्बेडकरनगर पोइट्री #रामबृक्ष बहादुरपुरी#जिंदगी पर कविता #जीवन पर कविता #इसे अपने आप समझिए कविता 111292 0 Hindi :: हिंदी

कविता -इसे अपने आप समझिए। 


जिंदगी संघर्ष है
इसे अपने आप समझिए,
बचपन डैस,
जवानी कामा
मृत्यु को फुलस्टाफ समझिए। 

जिंदगी दिल्लगी है
इसे छोड़ कर ना भागिए,
इस हार जीत
की जिंदगी में 
कभी बच्चा तो कभी बाप समझिए। 

जिंदगी एक दौलत है 
कभी फुल तो कभी हाफ समझिए,
कभी अपनी
कभीअंजान
कभी गुस्ताखी तो कभी माफ समझिए। 

जिंदगी जन्नत है
इसे ना बकवास समझिए,
कभी खूशी
कभी ग़म 
कभी आशा निराशा की छांव समझिए। 

जिंदगी एक दरिया है
कहीं छिछला कहीं गहरा कहीं ठांव समझिए,
कभी नेकी
कभी बंदगी
कभी जन्नत का द्वार समझिए। 

जिंदगी एक सफर है
कहीं सुबह कहीं शाम समझिए,
जी ले 
प्यार की जिंदगी
इसे ना अपना मुकाम समझिए। 

रचनाकार -रामबृक्ष बहादुरपुरी अम्बेडकरनगर

Comments & Reviews

Post a comment

Login to post a comment!

Related Articles

शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो प्राप्त कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, असम्भ� read more >>
शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिले इच्छाओं की, आसमा read more >>
इच्छा शक्ति 🥀🥀 शक्ति जब मिले इच्छाओं की, जो चाहें सो हांसिल कर कर लें। आवश्यकताएं अनन्त को भी, एक हद तक प्राप्त कर लें। शक्ति जब मिल� read more >>
Join Us: