Anilkumar Rathwa (Sameer) 25 Aug 2025 कविताएँ अन्य कवि नर्मद 14100 0 Hindi :: हिंदी
नर्मद, तुमने जगाया था, गुजरात का स्वाभिमान। "जय जय गरवी गुजरात" से, भर दिया जन-जन का प्राण। सुधारक, चिंतक, लेखक तुम, ज्ञान की ज्योति जलाने वाले। समाज को नई दिशा दिखाकर, युग-पुरुष कहलाने वाले। आज भी गूँजता है स्वर तुम्हारा, सत्य और साहस की बाणी। तुम्हारी कलम ने दी हमें, आज़ादी की पहली निशानी। तेरे सपनों का गुजरात, तेरे विचारों से सजता है। कवि नर्मद का हर संदेश, हमारे दिल में बसता है।