PRIYA TIWARI 14 Jan 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत 7648 0 Hindi :: हिंदी
दिल तेरी सोने सी खारा ,
रूह तेरी हीरे से शुद्ध ,
आंखे तेरी नीलम सी सुन्दर ,
जैसे आसमान में चमकता
चांद समंदर।
बाते तेरी क्या ही बोलू ,
सुन के उनको ,
मै खुद को खो दू।
होठों की तो बात ही अलग है ,
मुस्कान ऐसी ,जैसे
चाशनी।
चमकते बादल के जैसे ,
चमकता तेरा तन है ,
गंगा के जल जैसे ,
पवित्र तेरा मन है।
तुझमें मेरा कान्हा दिखता ,
मेरा श्याम तुझी में हॅंसता।
मेरी माधव की छाया ,
गोविंदा सी तेरी रूह काया।
मेरे लिए शायद तू ,
कृष्ण बनके है आया । .... (२)
(लेखिका - प्रिया तिवारी)